योगी सरकार का बड़ा फैसला, उत्तर प्रदेश में इन सरकारी कर्मचारियों को नहीं मिलेगी सैलरी

 योगी सरकार का बड़ा फैसला, उत्तर प्रदेश में इन सरकारी कर्मचारियों को नहीं मिलेगी सैलरी


मुजफ्फरनगर। मानव संपदा पोर्टल manav sampada portal पर चल-अचल संपत्ति का ब्योरा नहीं बताने वाले कर्मचारियों, व अधिकारियों पर नकेल कसी जा सकती है। स्वास्थ्य विभाग vibhag अधिकारियों व कर्मचारियों ने फटकार लगने के बाद संपत्ति की जानकारी अपलोड upload करना शुरू किया है।


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वहीं, 31 जनवरी तक जानकारी नहीं भरने वाले कर्मचारियों, अधिकारियों का वेतन रुकेगा। इसके लिए सीएमओ CMO ने सभी को चेताया है। प्रदेश सरकार ने सभी विभागों vibhag के नियमित कर्मचारियों, अधिकारियों से उनकी चल-अचल संपत्ति का ब्योरा मानव संपदा पोर्टल manav sampada portal पर मांगा है।


हिचक रहे अधिकारी और कर्मचारी


इसमें शिक्षा, पुलिस, नगर निकायों के अलावा स्वास्थ्य विभाग सहित सभी सरकारी उपक्रमों के कर्मचारियों को ब्योरा देना है। आदेश आने के बाद स्वास्थ्य विभाग vibhag में चल-अचल संपत्ति की जानकारी बताने में कर्मचारी और अधिकारी हिचक रहे थे। इसको लेकर विभाग की स्थिति पोर्टल portal पर कमजोर थी। मामले को लेकर प्रदेश सरकार government ने कड़ी फटकार लगाई।


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इसके बाद स्वास्थ्य विभाग vibhag के अधिकारियों व कर्मचारियों ने मानव संपदा पोर्टल Manav sampada portal पर अपनी चल-अचल संपत्ति का रिकार्ड दिया है। प्रदेश सरकार government के साफ निर्देश है कि संपत्ति की जानकारी information नहीं देने वाले कर्मचारियों की प्रोन्नति के अलावा वेतन vetan भी रोका जाएगा। इसके चलते एक सप्ताह के भीतर स्वास्थ्य विभाग vibhag के लगभग 70 प्रतिशत कर्मचारियों-अधिकारियों ने जानकारी उपलब्ध कराई है।


प्रदेश में तीसरे नंबर पर मुजफ्फरनगर 


स्वास्थ्य सेवाओं के साथ सरकारी योजनाओं yojnaon को पात्रों तक पहुंचाने में मुजफ्फरनगर का स्वास्थ्य विभाग प्रदेश में तीसरे स्थान पर है। डेसबोर्ड के अलावा प्रदेश स्तर पर मुजफ्फरनगर की 75 जनपदों में तीसरी रैंक है। इसके चलते यहां पर मानव संपदा पोर्टल Manav sampada portal पर जानकारी उपलब्ध कराने में देरी को विभागीय स्तर पर ठीक नहीं माना गया। सीएमओ CMO की सख्ती के बाद कर्मचारियों, अधिकारियों ने तीव्रता से जानकारी पोर्टल portal पर फीड की है।


मानव संपदा पोर्टल Manav sampada portal पर कर्मचारियों, अधिकारियों ने चल-अचल संपत्ति की जानकारी information उपलब्ध कराई है। कुछ ही कर्मचारी शेष हैं, जिनका रिकार्ड बाकी है। सभी लोगों को चेताया गया है। संपत्ति नहीं बताने वाले कर्मचारियों karmchariyon पर कार्रवाई के साथ वेतन vetan रोकने की कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। यह सब कार्रवाई प्रदेश स्तर से होगी। - डा. सुनील तेवतिया, सीएमओ, मुजफ्फरनगर।


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